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तुम्हारे होने से है सब कुछ मुझ को
तुम्हारे न आने से है बेहाल
तू नहीं है तो मैं क्या हूँ, तेरे बिना क्या मैं
तेरे होंठों पे हो जो नाम, वो है मेरा नाम
तू नहीं है तो क्या है, तू ही है मेरी ज़िंदगी
तेरे बिना साँस लेना मुश्किल है मुझ पर
हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम
हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम
तुम जिस ज़मीं पर हो मैं
तुम जिस ज़मीं पर हो मैं
जब मैं तुम्हें निशात-ए-मुहब्बत न दे सका
जब मैं तुम्हें निशात-ए-मुहब्बत न दे सका
#ग़ज़ल
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#Ghazal