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तुम हकीकत नहीं हो हसरत हो
तुम हकीकत नहीं हो हसरत हो
इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं
इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं
तू भी चुप है मैं भी चुप हूँ ये कैसी तन्हाई है
तू भी चुप है मैं भी चुप हूँ ये कैसी तन्हाई है
अख़लाक़ न बरतेंगे मुदारा न करेंगे
अख़लाक़ न बरतेंगे मुदारा न करेंगे
ख़ामोशी कह रही है कान में क्या
ख़ामोशी कह रही है कान में क्या
हालत-ए-हाल के सबब हालत-ए-हाल ही गई
हालत-ए-हाल के सबब हालत-ए-हाल ही गई
#ग़ज़ल
#JohnElia
#UrduPoetry
#Ghazal