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जब मैं तुम्हें निशात-ए-मुहब्बत न दे सका
तो क्या हुआ, तो क्या हुआ
हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम
हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम
तुम जिस ज़मीं पर हो मैं
तुम जिस ज़मीं पर हो मैं
तुम्हारे होने से है सब कुछ मुझ को
तुम्हारे होने से है सब कुछ मुझ को
तू नहीं है तो मैं क्या हूँ, तेरे बिना क्या मैं
तू नहीं है तो मैं क्या हूँ, तेरे बिना क्या मैं
#ग़ज़ल
#JohnElia
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#Ghazal